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Varalakshmi Puja 2027 तारीख

Varalakshmi Puja 2027

शुक्रवार, 13 अगस्त 2027

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वरलक्ष्मी पूजा का महत्व

देवी लक्ष्मी को वरदान देने वाले स्वरूप वरलक्ष्मी के रूप में अत्यंत पूजनीय हिंदू त्योहार वरलक्ष्मी पूजा के दौरान पूजा जाता है। यह त्योहार श्रावण (जुलाई-अगस्त) की पूर्णिमा से पहले आने वाले शुक्रवार को पड़ता है। यह त्योहार विशेष रूप से दक्षिण भारतीय राज्यों तमिलनाडु, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में मनाया जाता है।

समृद्ध, स्वस्थ और सामंजस्यपूर्ण पारिवारिक जीवन के लिए देवी लक्ष्मी का आशीर्वाद पाने हेतु, विशेष रूप से विवाहित महिलाएं, यह व्रत रखती हैं। लोगों का मानना है कि इस दिन वरलक्ष्मी देवी की पूजा करना अष्ट लक्ष्मी, यानी समृद्धि के विभिन्न रूपों का प्रतिनिधित्व करने वाली लक्ष्मी के आठ स्वरूपों की पूजा करने के समान है।

वरलक्ष्मी पूजा की कथा

हिंदू पौराणिक कथाओं के अनुसार, चारुमती नामक एक धर्मपरायण स्त्री को देवी लक्ष्मी का दिव्य दर्शन हुआ, जिन्होंने उसे अपने परिवार की समृद्धि के लिए यह पूजा करने का निर्देश दिया।

चारुमती ने भक्तिपूर्वक इस अनुष्ठान का पालन किया, और शीघ्र ही, वह और उसका परिवार अपार धन, सुख और सौभाग्य से धन्य हो गए। तभी से, महिलाएं अपने घर-परिवार के कल्याण के लिए वरलक्ष्मी पूजा करती आ रही हैं।

अष्ट लक्ष्मी की पूजा

अष्ट लक्ष्मी देवी लक्ष्मी के आठ स्वरूपों का प्रतिनिधित्व करती हैं, जिनमें शामिल हैं:

  • आदि लक्ष्मी – शाश्वत समृद्धि
  • धन लक्ष्मी – धन और वित्तीय वृद्धि
  • धान्य लक्ष्मी – कृषि और खाद्य प्रचुरता
  • गज लक्ष्मी – शक्ति और राजसी प्रतिष्ठा
  • संतान लक्ष्मी – संतान और पारिवारिक सुख का आशीर्वाद
  • वीर लक्ष्मी – साहस और शक्ति
  • विजय लक्ष्मी – विजय और सफलता
  • विद्या लक्ष्मी – ज्ञान और बुद्धि
  • 1. उपवास और भक्ति

  • विवाहित महिलाएं सुबह से शाम तक उपवास रखती हैं, अपने पतियों और परिवारों की समृद्धि और दीर्घायु के लिए प्रार्थना करती हैं।
  • 2. विशेष वरलक्ष्मी पूजा

  • चावल, जल और सिक्कों से भरे एक कलश (पवित्र घड़े) को देवी लक्ष्मी के प्रतिनिधि स्वरूप में सजाकर पूजा जाता है।
  • भक्तजन लक्ष्मी सहस्रनाम और अन्य भक्ति स्तोत्रों का जाप करते हुए फूल, फल, हल्दी, कुमकुम और मिठाइयां अर्पित करते हैं।
  • 3. पवित्र धागा बांधना

  • महिलाएं अपनी कलाइयों पर एक पवित्र पीला धागा (रक्षा सूत्र) बांधती हैं, जो दैवीय सुरक्षा और आशीर्वाद का प्रतीक है।
  • 4. दान और जरूरतमंदों की सहायता

  • इस दिन गरीबों और ब्राह्मणों को भोजन, वस्त्र और अन्य दान देना अत्यंत शुभ माना जाता है।
  • देवी वरलक्ष्मी सभी को समृद्धि, शांति और आनंद का आशीर्वाद दें! 🙏🌸

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    Varalakshmi Puja 2027

    वरलक्ष्मी पूजा
    शुक्र, 13 अग. 2027

    तिथियाँ खगोलीय गणना (अमांत गणना, IST, निरयन/लाहिड़ी) के आधार पर तय की गई हैं — क्षेत्रीय पालन एक दिन इधर-उधर हो सकता है। किसी भी तिथि पर तिथि समाप्ति समय, मुहूर्त अवधि और चौघड़िया के लिए पंचांग कैलेंडर देखें।