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Vakrathunda Sankashti Chaturthi 2026 तिथि

Vakrathunda Sankashti Chaturthi 2026

गुरूवार, 29 अक्टूबर 2026

इस दिन का पूर्ण पंचांग देखें →

वक्रतुंड संकष्टी चतुर्थी

बाधाओं को दूर करने वाले तथा बुद्धि, समृद्धि और सफलता के देवता भगवान गणेश को समर्पित, वक्रतुंड संकष्टी चतुर्थी एक महत्वपूर्ण हिंदू धार्मिक पर्व है। यह हिंदू चंद्र मास आश्विन (सितंबर-अक्तूबर) के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाया जाता है।

इस दिन भक्त भगवान गणेश के वक्रतुंड रूप—जिसका अर्थ है “मुड़ी हुई सूंड”—की पूजा करते हैं। यह प्रतीक दिव्य शक्ति, बुद्धि और बाधाओं पर विजय पाने की शक्ति को दर्शाता है। भक्त सफलता, सुरक्षा और बाधाओं पर विजय के लिए गणेश जी का आशीर्वाद पाने हेतु व्रत रखते हैं, प्रार्थना करते हैं और चंद्रमा की पूजा करते हैं।

वक्रतुंड संकष्टी चतुर्थी का अर्थ

भगवान गणेश के विशिष्ट हाथी के सिर से ही उनके नाम वक्रतुंड की उत्पत्ति हुई है, जो “वक्र” (मुड़ा हुआ) और “तुंड” (सूंड) से मिलकर बना है। मुड़ी हुई सूंड अनुकूलनशीलता, बुद्धिमत्ता और बुद्धि तथा लचीलेपन से बाधाओं पर विजय पाने की क्षमता को दर्शाती है।

दुष्टों के संहारक के रूप में भगवान गणेश

हिंदू पौराणिक कथाओं में, भगवान गणेश के प्रथम अवतार वक्रतुंड ने मत्सरासुर नामक असुर का वध किया था। गणेश का यह रूप अभिमान, ईर्ष्या और नकारात्मकता पर विजय का प्रतीक है, जो भक्ति तथा बुद्धि व विनम्रता को अपनाने की प्रेरणा देता है।

1. व्रत और भक्ति का पालन

  • भक्त सूर्योदय से चंद्रोदय तक कठोर व्रत (संकष्टी व्रत) रखते हैं, जिसमें केवल फल, दूध और सात्विक भोजन ग्रहण किया जाता है।
  • चंद्रमा के दर्शन के बाद व्रत खोला जाता है, तथा भगवान गणेश को मोदक, नारियल और गुड़ से बनी मिठाइयाँ अर्पित की जाती हैं।
  • 2. विशेष वक्रतुंड गणेश पूजा

  • पूजा में वक्रतुंड गणेश को दूर्वा घास, लाल फूल, हल्दी और धूप अर्पित की जाती है।
  • भक्त उनका आशीर्वाद पाने के लिए गणपति अथर्वशीर्ष, संकष्टी स्तोत्र और वक्रतुंड गणेश मंत्र का जाप करते हैं।
  • 3. चंद्रमा को अर्घ्य अर्पण

  • एक महत्वपूर्ण अनुष्ठान में चंद्र देव को जल (अर्घ्य) अर्पित किया जाता है, जिससे आर्थिक परेशानियाँ और मानसिक तनाव दूर होने की मान्यता है।
  • 4. दान-पुण्य और जरूरतमंदों की सहायता

  • दान-पुण्य करना, जैसे गरीबों को भोजन कराना, भोजन-वस्त्र दान करना और पशुओं की सहायता करना, दिव्य आशीर्वाद लाता है।
  • भगवान वक्रतुंड गणेश सभी को समृद्धि, शांति और सुख का आशीर्वाद दें! 🙏🐘

    Vakrathunda Sankashti Chaturthi 2026

    वक्रतुण्ड संकष्टी चतुर्थी
    गुरू, 29 अक्टू. 2026

    Vakrathunda Sankashti Chaturthi 2027

    वक्रतुण्ड संकष्टी चतुर्थी
    सोम, 18 अक्टू. 2027

    तिथियाँ खगोलीय गणना (अमांत गणना, IST, सायन/लाहिड़ी) के आधार पर तय की गई हैं — क्षेत्रीय पालन एक दिन इधर-उधर हो सकता है। किसी भी तिथि पर तिथि समाप्ति समय, मुहूर्त अवधि और चौघड़िया के लिए पंचांग कैलेंडर देखें।