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Sita Navami 2027 तिथि

Sita Navami 2027

शुक्रवार, 14 मई 2027

इस दिन का पूर्ण पंचांग देखें →

सीता नवमी का महत्व

सीता नवमी, जिसे जानकी नवमी भी कहा जाता है, एक हिंदू पर्व है जो देवी सीता, भगवान राम की पत्नी, के जन्म का उत्सव मनाता है। यह वैशाख (अप्रैल-मई) मास की शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को मनाया जाता है।

देवी सीता को पवित्रता, भक्ति, धैर्य और आत्म-त्याग के आदर्श उदाहरण के रूप में पूजा जाता है। इस दिन भक्त, विशेष रूप से विवाहित महिलाएँ, वैवाहिक सुख और कल्याण के लिए आशीर्वाद पाने हेतु व्रत रखती हैं, प्रार्थना करती हैं और विशेष अनुष्ठान करती हैं।

देवी सीता का जन्म

रामायण में मिथिला के राजा जनक द्वारा सीता की खोज का वर्णन है, जो एक सामान्य जन्म कथा से भिन्न है। उनका नाम जानकी, जिसका अर्थ है भूमि देवी की पुत्री, इस प्रकार उनके दिव्य उद्गम को रेखांकित करता है।

सीता की अटूट धार्मिकता और भगवान राम के प्रति समर्पण ने उन्हें पत्नी, माता और रानी के गुणों का आदर्श बना दिया है, जिसके कारण उनकी व्यापक रूप से पूजा की जाती है। अपने वनवास और लंका में बंदी बनाए जाने के दौरान, उनके अटूट धैर्य और शक्ति ने सहनशीलता, निष्ठा और लचीलेपन के उनके गुणों को दर्शाया।

ऐसा माना जाता है कि देवी लक्ष्मी ने भगवान राम को उनके दिव्य कार्य को पूरा करने में सहायता देने के लिए सीता के रूप में अवतार लिया था। वे सत्य के प्रति समर्पण, अपनी शक्ति और निःस्वार्थ कार्यों के माध्यम से आदर्श हिंदू नारी का उदाहरण प्रस्तुत करती हैं।

1. विशेष पूजा और व्रत

  • भक्त देवी सीता की, भगवान राम, लक्ष्मण और हनुमान के साथ, विस्तृत पूजा करते हैं।
  • कई विवाहित महिलाएँ अपने पति और परिवार के कल्याण के लिए दिन भर का व्रत रखती हैं।
  • 2. रामायण पाठ और भजन

  • भक्त सीता स्वयंवर (उनके विवाह प्रसंग), सुंदरकांड और रामायण के अन्य अध्याय पढ़ते हैं जो सीता के गुणों को उजागर करते हैं।
  • मंदिरों और घरों में सीता की भक्ति और शक्ति की प्रशंसा करने वाले भजन और कीर्तन गाए जाते हैं।
  • 3. अनुष्ठान और भेंट

  • फल, मिठाइयाँ और सात्विक भोजन जैसे विशेष प्रसाद तैयार किए जाते हैं और वितरित किए जाते हैं।
  • महिलाएँ अपने वैवाहिक सुख और भक्ति के प्रतीक के रूप में कुमकुम, हल्दी और फूलों से पूजा करती हैं।
  • 4. दान और सेवा (निःस्वार्थ सेवा)

  • ब्राह्मणों को भोजन कराना, जरूरतमंदों को भोजन देना और वस्त्र दान करना जैसे दान कार्य अत्यंत शुभ माने जाते हैं।
  • देवी सीता सभी को सुख, शांति और वैवाहिक सामंजस्य का आशीर्वाद दें! 🙏🌸

    Sita Navami 2026

    सीता नवमी
    शनि, 25 अप्रै. 2026

    Sita Navami 2027

    सीता नवमी
    शुक्र, 14 मई 2027

    तिथियाँ खगोलीय गणना (अमांत गणना, IST, सायन/लाहिड़ी) के आधार पर तय की गई हैं — क्षेत्रीय पालन एक दिन इधर-उधर हो सकता है। किसी भी तिथि पर तिथि समाप्ति समय, मुहूर्त अवधि और चौघड़िया के लिए पंचांग कैलेंडर देखें।