Web Analytics
FeelAstro feelastro

Hartalika Teej 2026 तिथि

Hartalika Teej 2026

सोमवार, 14 सितम्बर 2026

इस दिन का पूर्ण पंचांग देखें →

हिंदू परंपराओं में हरतालिका तीज

उत्तर भारत में, विशेष रूप से राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और बिहार में, हरतालिका तीज एक महत्वपूर्ण हिंदू पर्व है जिसे विवाहित और अविवाहित महिलाएँ दोनों मनाती हैं। भाद्रपद (अगस्त-सितंबर) की शुक्ल पक्ष की तृतीया को यह पर्व मनाया जाता है। “हरत” (अपहरण) और “अलिका” (सखी) से बना शब्द “हरतालिका” उस सखी को दर्शाता है जो देवी पार्वती को शिव को प्रसन्न करने वाली तपस्या के लिए गुप्त रूप से वन में ले गई थी।

वैवाहिक सुख या (अविवाहित होने पर) एक अच्छे पति की प्राप्ति के लिए महिलाएँ श्रद्धापूर्वक व्रत रखती हैं और देवी पार्वती की पूजा करती हैं।

देवी पार्वती की भक्ति की कथा

हिंदू पौराणिक कथाओं में वर्णित है कि पार्वती शिव से विवाह करना चाहती थीं, परंतु उनके पिता उनका विवाह विष्णु से करना चाहते थे। उनकी सखी उन्हें एक वन में ले गई जहाँ उन्होंने कठोर तपस्या की, ताकि यह विवाह न हो सके।

भगवान शिव उनकी अटूट भक्ति से प्रसन्न हुए और उन्हें अपनी अर्धांगिनी के रूप में स्वीकार किया, उनका संबंध प्रेम, धैर्य और समर्पण का प्रतीक बना। तभी से महिलाएँ वैवाहिक सुख और शिव-पार्वती के आशीर्वाद की कामना में हरतालिका तीज मनाती आ रही हैं।

महिलाएँ अपनी भक्ति व्यक्त करने के लिए निर्जला व्रत रखती हैं, जो एक पूर्ण उपवास है। लोगों का विश्वास है कि यह व्रत उनके पति और परिवार को दीर्घायु, सुख और समृद्धि प्रदान करता है। अविवाहित महिलाएँ भी शिव के समान समर्पित और प्रेमपूर्ण पति की चाह में यह व्रत रखती हैं।

इस दिन भगवान शिव और देवी पार्वती की मिट्टी की मूर्तियाँ बनाई और पूजी जाती हैं। भक्तजन प्रेम, शांति और समृद्धि की कामना करते हुए फूल, फल और मिठाइयाँ अर्पित करते हैं।

1. व्रत और रात्रि जागरण

  • महिलाएँ कठोर व्रत रखती हैं और पूरी रात भजन-कीर्तन और प्रार्थनाओं में लीन रहती हैं।
  • कुछ महिलाएँ शिव-पार्वती के दिव्य प्रेम का ध्यान करते हुए पूरी रात जागरण (जागरण) करती हैं।
  • 2. विशेष पूजा और अनुष्ठान

  • महिलाएँ पारंपरिक परिधान (अधिकतर हरी साड़ियाँ) पहनती हैं, चूड़ियाँ धारण करती हैं और मेंहदी लगाती हैं, जो प्रेम और समृद्धि की प्रतीक हैं।
  • शिव-पार्वती पूजा पवित्र जल, फूल, फल और धूप के अर्पण के साथ की जाती है।
  • 3. सामाजिक और सामुदायिक उत्सव

  • विवाहित महिलाएँ वैवाहिक सुख के प्रतीक के रूप में एक-दूसरे को उपहार, मिठाइयाँ और सिंदूर भेंट करती हैं।
  • कुछ क्षेत्रों में शिव-पार्वती की मूर्तियों के साथ संगीत और नृत्य सहित शोभायात्राएँ निकाली जाती हैं।
  • देवी पार्वती सभी को प्रेम, शांति और समृद्धि का आशीर्वाद दें! 🙏🌺🕉️

    Hartalika Teej 2026

    हरतालिका तीज
    सोम, 14 सित. 2026

    Hartalika Teej 2027

    हरतालिका तीज
    बुध, 04 अग. 2027
    हरतालिका तीज
    शुक्र, 03 सित. 2027

    तिथियाँ खगोलीय गणना (अमांत गणना, IST, सायन/लाहिड़ी) के आधार पर तय की गई हैं — क्षेत्रीय पालन एक दिन इधर-उधर हो सकता है। किसी भी तिथि पर तिथि समाप्ति समय, मुहूर्त अवधि और चौघड़िया के लिए पंचांग कैलेंडर देखें।