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Ganadipa Sankashti Chaturthi 2026 तिथि

Ganadipa Sankashti Chaturthi 2026

शुक्रवार, 27 नवम्बर 2026

इस दिन का पूर्ण पंचांग देखें →

गणदीप संकष्टी चतुर्थी

एक प्रमुख हिंदू पर्व के रूप में मनाई जाने वाली गणदीप संकष्टी चतुर्थी, बुद्धि, समृद्धि, सफलता और विघ्नहर्ता देवता भगवान गणेश का सम्मान करती है। हिंदू मास कार्तिक (अक्टूबर-नवंबर) के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाया जाने वाला यह दिन चतुर्थी के नाम से जाना जाता है।

भक्तगण आज भगवान गणेश के "गणदीप" स्वरूप की पूजा करते हैं, जो दिव्य प्रकाश, बुद्धि और मार्गदर्शन का प्रतीक है। ऐसा माना जाता है कि गणदीप संकष्टी चतुर्थी के दौरान व्रत, प्रार्थना और अनुष्ठान कठिनाइयों पर विजय दिलाते हैं, समृद्धि लाते हैं और आध्यात्मिक जागृति की ओर ले जाते हैं।

गणदीप संकष्टी चतुर्थी का अर्थ

"गणदीप" "गण" (समूह/दिव्य अनुचर) और "दीप" (प्रकाश/दीपक) का संयोजन है, जो भगवान गणेश की अपने भक्तों के लिए मार्गदर्शक प्रकाश की भूमिका को दर्शाता है। "संकष्टी" का अर्थ ही है "कष्टों से मुक्ति", और इस दिन का पालन कठिनाइयों पर विजय पाने और अज्ञानता को दूर करने के लिए भगवान गणेश की कृपा प्राप्त करने पर केंद्रित है।

दिव्य प्रकाश और समस्या समाधानकर्ता के रूप में भगवान गणेश

हिंदू परंपरा के अनुसार भगवान गणेश का गणदीप स्वरूप ज्ञान, बुद्धि और दिव्य मार्गदर्शन का प्रतीक है। भक्तों का मानना है कि इस दिन गणेश जी से की गई प्रार्थनाएँ उनके जीवन को आध्यात्मिक और भौतिक दोनों रूप से प्रकाशित करती हैं।

1. व्रत और भक्ति का पालन

  • भक्तगण सूर्योदय से चंद्रोदय तक कठोर व्रत (संकष्टी व्रत) रखते हैं, केवल फल, दूध और सात्विक आहार ग्रहण करते हैं।
  • चंद्रमा के दर्शन के बाद व्रत खोला जाता है और भगवान गणेश को मोदक, नारियल तथा गुड़ से बनी मिठाइयाँ अर्पित की जाती हैं।
  • 2. विशेष गणदीप गणेश पूजा

  • पूजा में भगवान गणेश को दीप (दीपक), दूर्वा घास, लाल पुष्प और धूप अर्पित किया जाता है, जो ज्ञान के प्रकाश और दिव्य बुद्धि का प्रतीक है।
  • भक्तगण आशीर्वाद पाने हेतु गणपति अथर्वशीर्ष, संकष्टी स्तोत्र तथा गणदीप गणेश मंत्र का जाप करते हैं।
  • 3. चंद्रमा को अर्घ्य अर्पण

  • एक महत्वपूर्ण अनुष्ठान में चंद्र देव को जल (अर्घ्य) अर्पित किया जाता है, जिसे नकारात्मकता दूर करने और शांति व मानसिक स्पष्टता लाने वाला माना जाता है।
  • 4. दान और परोपकार के कार्य

  • दान-पुण्य करना, जैसे जरूरतमंदों को भोजन, वस्त्र और दीपक दान करना, दिव्य आशीर्वाद लाता है।
  • भगवान गणदीप गणेश हमारे जीवन को बुद्धि, समृद्धि और सुख से प्रकाशित करें! 🙏🐘🪔

    Ganadipa Sankashti Chaturthi 2026

    गणाधिप संकष्टी चतुर्थी
    शुक्र, 27 नव. 2026

    Ganadipa Sankashti Chaturthi 2027

    गणाधिप संकष्टी चतुर्थी
    बुध, 17 नव. 2027

    तिथियाँ खगोलीय गणना (अमांत गणना, IST, सायन/लाहिड़ी) के आधार पर तय की गई हैं — क्षेत्रीय पालन एक दिन इधर-उधर हो सकता है। किसी भी तिथि पर तिथि समाप्ति समय, मुहूर्त अवधि और चौघड़िया के लिए पंचांग कैलेंडर देखें।