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Balachandra Sankashti Chaturthi 2027 तिथि

Balachandra Sankashti Chaturthi 2027

गुरूवार, 25 मार्च 2027

इस दिन का पूर्ण पंचांग देखें →

बालचंद्र संकष्टी चतुर्थी

हिन्दुओं द्वारा मनाई जाने वाली बालचंद्र संकष्टी चतुर्थी, भगवान गणेश को समर्पित है, जिन्हें बाधाओं का नाश करने वाला तथा बुद्धि, ज्ञान और समृद्धि के देवता के रूप में पूजा जाता है। हिन्दू इसे फाल्गुन (फरवरी-मार्च) के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाते हैं।

आज भगवान गणेश की पूजा उनके बालचंद्र स्वरूप में की जाती है, जिसका अर्थ है “चंद्रमा से सुशोभित”। यह प्रतीक शांति, संतुलन और बुद्धि का प्रतिनिधित्व करता है, तथा भक्तों को जीवन की कठिनाइयों का सामना करते समय धैर्य, बुद्धिमत्ता और सहनशीलता की प्रेरणा देता है।

बालचंद्र संकष्टी चतुर्थी का अर्थ

बालचंद्र नाम, “बाल” (युवा/छोटा) और “चंद्र” (चंद्रमा) का संयोजन है, जो भगवान गणेश के मस्तक को सुशोभित करने वाले अर्धचंद्र को दर्शाता है। यह अर्धचंद्र दिव्य ज्ञान, भावनात्मक स्थिरता और ब्रह्मांड तथा भगवान गणेश की बुद्धि के बीच शाश्वत संबंध का प्रतीक है।

भगवान गणेश का चंद्रमा से संबंध

हिन्दू कथाओं के अनुसार, भगवान गणेश द्वारा अपने रूप का उपहास किए जाने पर चंद्रमा को दिए गए शाप के कारण गणेश चतुर्थी पर चंद्रमा को देखना अशुभ माना जाता है। फिर भी, चंद्रमा ने बाद में क्षमा माँगी, और गणेश जी ने उसे सुंदरता और शांति का वरदान दिया, जिससे वह उनकी दिव्य छवि से जुड़ गया। बालचंद्र संकष्टी चतुर्थी गणेश जी की बुद्धि और चंद्रमा द्वारा दर्शाए गए ब्रह्मांडीय संतुलन के प्रतीकात्मक मिलन का उत्सव है।

1. व्रत और भक्ति का पालन

  • भक्त सूर्योदय से चंद्रोदय तक कठोर संकष्टी व्रत रखते हैं, केवल फल, दूध और सात्विक भोजन ग्रहण करते हैं।
  • चंद्रमा के दर्शन के बाद व्रत खोला जाता है, तथा भगवान गणेश को मोदक, नारियल और गुड़ से बनी मिठाइयाँ अर्पित की जाती हैं।

    2. विशेष बालचंद्र गणेश पूजा

  • पूजा में भगवान गणेश को दूर्वा घास, लाल फूल, हल्दी और धूप अर्पित करना शामिल है।
  • भक्त दिव्य आशीर्वाद पाने के लिए गणपति अथर्वशीर्ष, संकष्टी स्तोत्र और बालचंद्र गणेश मंत्र का जाप करते हैं।
  • 3. चंद्रमा को अर्घ्य अर्पण

  • एक महत्वपूर्ण अनुष्ठान चंद्र देव को जल (अर्घ्य) अर्पित करना है, जिसे दुर्भाग्य दूर करने तथा शांति और विचारों की स्पष्टता लाने वाला माना जाता है।
  • 4. दान और परोपकार के कार्य

  • दान करना, जैसे गरीबों को भोजन कराना, भोजन दान करना और वस्त्र अर्पित करना, अत्यंत पुण्यकारी माना जाता है।
  • भगवान बालचंद्र गणेश सभी को बुद्धि, संतुलन और समृद्धि का आशीर्वाद दें! 🙏🐘🌙

    Balachandra Sankashti Chaturthi 2026

    बालचन्द्र संकष्टी चतुर्थी
    शुक्र, 06 मार्च 2026

    Balachandra Sankashti Chaturthi 2027

    बालचन्द्र संकष्टी चतुर्थी
    गुरू, 25 मार्च 2027

    तिथियाँ खगोलीय गणना (अमांत गणना, IST, सायन/लाहिड़ी) के आधार पर तय की गई हैं — क्षेत्रीय पालन एक दिन इधर-उधर हो सकता है। किसी भी तिथि पर तिथि समाप्ति समय, मुहूर्त अवधि और चौघड़िया के लिए पंचांग कैलेंडर देखें।