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Varaha Jayanti 2026 तिथि

Varaha Jayanti 2026

सोमवार, 14 सितम्बर 2026

इस दिन का पूर्ण पंचांग देखें →

वराह जयंती का महत्व

हिंदू भगवान विष्णु के तीसरे अवतार, वराह (शूकर) अवतार के जन्म का स्मरण करने वाले पवित्र त्योहार वराह जयंती को मनाते हैं। यह पर्व शुक्ल पक्ष के दौरान, विशेष रूप से हिंदू माह भाद्रपद (अगस्त-सितंबर) की त्रयोदशी तिथि को मनाया जाता है।

आध्यात्मिक चिंतन और भक्ति के दिन के रूप में मनाई जाने वाली वराह जयंती धर्म की अधर्म पर विजय का प्रतीक है। भक्तजन भगवान वराह से शक्ति, सुरक्षा और स्थिरता की कामना करते हैं।

वराह अवतार और पृथ्वी के उद्धार की कथा

हिंदू पौराणिक कथाओं के अनुसार, असुर हिरण्याक्ष ने पृथ्वी (भूदेवी) का हरण कर उसे ब्रह्मांडीय सागर में गहराई तक डुबो दिया था। भगवान विष्णु ने पृथ्वी को बचाने के लिए एक शक्तिशाली शूकर, वराह के रूप में अवतार लिया।

एक भीषण युद्ध के बाद, वराह ने हिरण्याक्ष का वध किया और भूदेवी को अपनी दाढ़ों पर उठाकर उन्हें उनके यथोचित स्थान पर पुनः स्थापित किया। यह कथा पृथ्वी की रक्षा, धर्म के महत्व और संकट के समय दैवीय हस्तक्षेप का प्रतीक है।

शक्ति और सुरक्षा: शूकर शक्ति, दृढ़ संकल्प और बाधाओं पर विजय पाने की क्षमता का प्रतिनिधित्व करता है। संतुलन की पुनर्स्थापना: भगवान वराह द्वारा पृथ्वी को उठाने का कार्य ब्रह्मांडीय संतुलन और स्थिरता को दर्शाता है। असत्य पर सत्य की विजय: वराह और हिरण्याक्ष के बीच का युद्ध धर्म और अधर्म के बीच शाश्वत संघर्ष का प्रतीक है।

1. उपवास और भक्ति का पालन

  • भक्तजन समृद्धि, सफलता और आध्यात्मिक शक्ति के लिए दैवीय आशीर्वाद पाने हेतु पूर्ण या आंशिक उपवास रखते हैं।
  • भगवान विष्णु को फल, मिठाइयों और तुलसी पत्तों का विशेष भोग अर्पित किया जाता है।
  • 2. वराह पूजा और शास्त्रों का पाठ

  • मंदिरों और घरों में वराह पूजा, अभिषेकम् (विष्णु प्रतिमाओं का अनुष्ठानिक स्नान), और वैदिक मंत्रों का जाप किया जाता है।
  • भक्तजन विष्णु सहस्रनाम, वराह स्तोत्र और वराह पुराण की कथाओं का पाठ करते हैं।
  • 3. दान और जरूरतमंदों की सहायता

  • दान-पुण्य के कार्य, गरीबों को भोजन कराना, और भोजन, वस्त्र तथा अनाज जैसी आवश्यक वस्तुओं का दान करना शुभ माना जाता है।
  • यह त्योहार दैवीय हस्तक्षेप और सत्य की असत्य पर शाश्वत विजय में विश्वास को प्रेरित करता है।

    भगवान वराह सभी को शक्ति, समृद्धि और आध्यात्मिक उन्नति का आशीर्वाद दें! 🙏🐗🌏

    Varaha Jayanti 2026

    वराह जयंती
    सोम, 14 सित. 2026

    Varaha Jayanti 2027

    वराह जयंती
    शुक्र, 03 सित. 2027

    तिथियाँ खगोलीय गणना (अमांत गणना, IST, सायन/लाहिड़ी) के आधार पर तय की गई हैं — क्षेत्रीय पालन एक दिन इधर-उधर हो सकता है। किसी भी तिथि पर तिथि समाप्ति समय, मुहूर्त अवधि और चौघड़िया के लिए पंचांग कैलेंडर देखें।