Web Analytics
FeelAstro feelastro

Tulsi Vivah 2026 तिथि

Tulsi Vivah 2026

शनिवार, 21 नवम्बर 2026

इस दिन का पूर्ण पंचांग देखें →

तुलसी विवाह का महत्व

तुलसी विवाह का हिंदू पर्व पवित्र तुलसी के पौधे के भगवान विष्णु से विवाह का उत्सव मनाता है, जिन्हें अक्सर शालिग्राम या कृष्ण के रूप में दर्शाया जाता है। यह पर्व कार्तिक मास (अक्टूबर-नवंबर) के शुक्ल पक्ष की एकादशी या द्वादशी (11वीं या 12वीं तिथि) को मनाया जाता है। यह पर्व चातुर्मास—विष्णु के चार महीने के विश्राम—की समाप्ति का संकेत देता है और हिंदू विवाह के मौसम की शुरुआत की घोषणा करता है।

भक्तजन तुलसी विवाह को अत्यंत श्रद्धा और भक्तिभाव से मनाते हैं, यह मानते हुए कि इससे वैवाहिक सामंजस्य, समृद्धि और दिव्य कृपा प्राप्त होती है।

तुलसी और भगवान विष्णु की कथा

हिंदू पौराणिक कथाओं के अनुसार स्कंद, पद्म और शिव पुराण में वर्णित है कि दैत्यराज जालंधर की परम पतिव्रता पत्नी वृंदा ने ही तुलसी के रूप में पुनर्जन्म लिया। जालंधर की अटूट निष्ठा के कारण ही उसकी विजय सुनिश्चित थी। विष्णु ने जालंधर का रूप धारण कर वृंदा को छला, जिससे जालंधर का विनाश हो सका।

सत्य जानने पर वृंदा ने विष्णु को श्राप दिया, जिससे वे काले शालिग्राम पत्थर में परिवर्तित हो गए, जबकि वृंदा स्वयं तुलसी के पौधे में बदल गईं। बाद में विष्णु ने शालिग्राम के रूप में प्रकट होकर उनसे विवाह किया, जिससे उनकी सनातन पूजा सुनिश्चित हुई।

तुलसी के पौधे को पवित्र दर्जा प्राप्त है, इसे देवी लक्ष्मी का सांसारिक स्वरूप माना जाता है। ऐसा माना जाता है कि तुलसी की पूजा नकारात्मकता को दूर करती है, सौभाग्य को आकर्षित करती है और घर को शुद्ध करती है।

तुलसी विवाह कैसे मनाया जाता है

तुलसी के पौधे को फूलों, लाल साड़ी और आभूषणों से दुल्हन की तरह सजाया जाता है, जबकि शालिग्राम या विष्णु की प्रतिमा को दूल्हे के रूप में सजाया जाता है। भक्तजन कन्यादान, मंगलसूत्र बांधने और परिक्रमा सहित विवाह की संपूर्ण विधि संपन्न करते हैं।

कई भक्त विवाह अनुष्ठान पूर्ण होने तक व्रत रखते हैं। विष्णु सहस्रनाम और तुलसी स्तोत्र का पाठ तथा प्रार्थनाएं की जाती हैं। गरीबों को भोजन, वस्त्र और धन का दान अत्यंत शुभ माना जाता है। भक्तजन गुड़ और चावल से बनी मिठाइयों सहित प्रसाद तैयार कर वितरित करते हैं।

तुलसी माता और भगवान विष्णु सभी को सामंजस्य, समृद्धि और सुख का आशीर्वाद दें! 🙏🌿🕉️

Tulsi Vivah 2026

तुलसी विवाह
शनि, 21 नव. 2026

Tulsi Vivah 2027

तुलसी विवाह
गुरू, 11 नव. 2027

तिथियाँ खगोलीय गणना (अमांत गणना, IST, सायन/लाहिड़ी) के आधार पर तय की गई हैं — क्षेत्रीय पालन एक दिन इधर-उधर हो सकता है। किसी भी तिथि पर तिथि समाप्ति समय, मुहूर्त अवधि और चौघड़िया के लिए पंचांग कैलेंडर देखें।