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Rishi Panchami 2026 तिथि

Rishi Panchami 2026

बुधवार, 16 सितम्बर 2026

इस दिन का पूर्ण पंचांग देखें →

हिंदू परंपराओं में ऋषि पंचमी

भाद्रपद (अगस्त-सितंबर) माह की शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को पावन हिंदू पर्व ऋषि पंचमी मनाई जाती है। यह सप्त महर्षियों—वशिष्ठ, कश्यप, अत्रि, विश्वामित्र, जमदग्नि, भरद्वाज और गौतम—को समर्पित है, जो उनकी ज्ञान, विद्वता और धर्मपरायणता का सम्मान करता है।

विशेष रूप से महिलाएँ इस पर्व का पालन करती हैं, अनजाने में हुई मासिक धर्म संबंधी अपवित्रताओं के लिए क्षमा प्राप्त करने और शारीरिक व आध्यात्मिक रूप से स्वयं को शुद्ध करने हेतु व्रत और अनुष्ठान करती हैं।

सप्त ऋषियों का सम्मान और उनका आशीर्वाद प्राप्त करना

सप्त ऋषियों को धर्म (सदाचार) और आध्यात्मिक ज्ञान के संरक्षक माना जाता है। ऋषि पंचमी पर उनकी पूजा करने से पापों का नाश होता है, ज्ञान प्राप्त होता है और भक्तों को धर्मपूर्ण जीवन जीने में सहायता मिलती है।

हिंदू शास्त्रों के अनुसार, जो महिलाएँ अनजाने में मासिक धर्म संबंधी नियमों का उल्लंघन करती हैं, उन्हें अपने पापों को शुद्ध करने के लिए ऋषि पंचमी का व्रत और अनुष्ठान करना चाहिए। यह व्रत अनिवार्य नहीं है, परंतु परंपराओं के प्रति श्रद्धा और आध्यात्मिक अनुशासन के रूप में किया जाता है।

एक कथा के अनुसार, एक महिला ने अनजाने में मासिक धर्म के दौरान एक पाप किया था, जिसके बाद ऋषि गौतम ने उन्हें शुद्धि हेतु ऋषि पंचमी का व्रत करने की सलाह दी। उनके मार्गदर्शन का पालन करने से वह अपने पूर्व कर्मों के बोझ से मुक्त हो गई, जो भक्ति और शुद्धिकरण की शक्ति का प्रतीक है।

1. व्रत और शुद्धिकरण अनुष्ठान का पालन

  • भक्त कठोर व्रत रखते हैं, केवल फल, दूध और सात्विक भोजन ग्रहण करते हैं।
  • महिलाएँ तुलसी और तिल जैसी पवित्र वनस्पतियों से स्नान कर तन-मन को शुद्ध करती हैं।
  • 2. सप्त ऋषियों और तुलसी पौधे की पूजा

  • सप्त ऋषियों के मार्गदर्शन और आशीर्वाद हेतु विशेष प्रार्थनाएँ और भोग चढ़ाए जाते हैं।
  • तुलसी के पौधे की भी पूजा की जाती है, जो पवित्रता और दिव्य ऊर्जा का प्रतीक है।
  • 3. दान और आध्यात्मिक प्रवचन

  • निर्धनों और ब्राह्मणों को भोजन, वस्त्र और आवश्यक वस्तुएँ दान करना अत्यंत पुण्यदायी माना जाता है।
  • अनेक समुदाय ऋषियों के महत्व और उनकी शिक्षाओं पर आध्यात्मिक प्रवचनों का आयोजन करते हैं।
  • यह पर्व हमें स्मरण कराता है कि ज्ञान, पवित्रता और सदाचार का सम्मान करने से जीवन संपूर्ण और आध्यात्मिक रूप से समृद्ध बनता है।

    सप्त ऋषि सभी को ज्ञान, पवित्रता और समृद्धि से आशीर्वादित करें! 🙏🌿🕉️

    Rishi Panchami 2026

    ऋषि पंचमी
    बुध, 16 सित. 2026

    Rishi Panchami 2027

    ऋषि पंचमी
    रवि, 05 सित. 2027

    तिथियाँ खगोलीय गणना (अमांत गणना, IST, सायन/लाहिड़ी) के आधार पर तय की गई हैं — क्षेत्रीय पालन एक दिन इधर-उधर हो सकता है। किसी भी तिथि पर तिथि समाप्ति समय, मुहूर्त अवधि और चौघड़िया के लिए पंचांग कैलेंडर देखें।