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Pongal 2027 तिथि

Pongal 2027

शुक्रवार, 15 जनवरी 2027

इस दिन का पूर्ण पंचांग देखें →

पोंगल का महत्व

मुख्य रूप से तमिलनाडु और संपूर्ण दक्षिण भारत में मनाया जाने वाला पोंगल एक प्रमुख हिंदू फसल उत्सव है। जनवरी के मध्य में चार दिनों तक मनाया जाने वाला मकर संक्रांति शीत ऋतु के अंत और उत्तरायण, यानी सूर्य की उत्तर की ओर की यात्रा की शुरुआत का संकेत देता है। कृतज्ञता के इस पर्व में सूर्य, प्रकृति और पशुधन की पूजा की जाती है, जो वर्ष की समृद्धि के लिए उनका धन्यवाद व्यक्त करते हैं।

इस पर्व का नाम मीठे चावल के व्यंजन “पोंगल” से लिया गया है, जो नए चावल, गुड़ और दूध से बनाया जाने वाला उत्सव व्यंजन है और समृद्धि का प्रतीक है।

सूर्य देव और प्रकृति की पूजा

जीवन और ऊर्जा के परम स्रोत सूर्य देव पोंगल पर्व के केंद्र में होते हैं। भरपूर फसल के लिए धन्यवाद स्वरूप, पूजक सूर्य देव को प्रार्थनाएं, ताजी उपज और पोंगल व्यंजन अर्पित करते हैं।

भगवान विष्णु और भगवान इंद्र से संबंध

यह दिन बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक है, जो हिंदू पौराणिक कथाओं में भगवान विष्णु द्वारा राक्षस बासमासुर के वध का स्मरण कराता है। एक अन्य कथा किसानों को जीवनदायी वर्षा प्रदान करने वाले वर्षा के देवता भगवान इंद्र का सम्मान करती है।

पशुधन का सम्मान (मट्टू पोंगल)

पोंगल के तीसरे दिन पूजा के माध्यम से कृषि में पशुधन के महत्व को स्वीकार किया जाता है। गायों और बैलों को विशेष सम्मान दिया जाता है, जिसमें स्नान, सजावट और स्वादिष्ट भोजन शामिल हैं।

1. चार दिनों का उत्सव

  • भोगी पोंगल (पहला दिन): लोग पुरानी वस्तुओं को त्यागकर नई शुरुआत का स्वागत करते हैं, जो पुनर्नवीकरण का प्रतीक है।
  • थाई पोंगल (दूसरा दिन): मुख्य पर्व दिवस जब परिवार पोंगल व्यंजन बनाते हैं और सूर्य देव को अर्पित करते हैं।
  • मट्टू पोंगल (तीसरा दिन): कृषि में उनकी भूमिका के लिए पशुधन का सम्मान और पूजा करने का दिन।
  • कानुम पोंगल (चौथा दिन): परिवार के पुनर्मिलन, संबंधियों से भेंट और सामुदायिक जुड़ाव का दिन।
  • 2. पारंपरिक रीति-रिवाज और अर्पण

  • घरों के द्वार पर कोलम (रंगोली) डिज़ाइन बनाए जाते हैं, जो हर्ष और समृद्धि के प्रतीक हैं।
  • गन्ना, हल्दी और नए चावल अर्पित किए जाते हैं, जो प्रचुरता और उर्वरता के प्रतीक हैं।
  • 3. दान कार्य और सामुदायिक उत्सव

  • लोग भोजन साझा करते हैं, निर्धनों को आवश्यक वस्तुएं दान करते हैं और पारंपरिक संगीत व नृत्य के साथ उत्सव मनाते हैं।
  • गांवों में बैल-वशीकरण खेल (जल्लीकट्टू) और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होते हैं।
  • पोंगल की भावना सभी के जीवन में हर्ष, शांति और प्रचुरता लाए! 🙏🌞🌾

    Pongal 2026

    पोंगल
    बुध, 14 जन. 2026

    Pongal 2027

    तिथियाँ खगोलीय गणना (अमांत गणना, IST, सायन/लाहिड़ी) के आधार पर तय की गई हैं — क्षेत्रीय पालन एक दिन इधर-उधर हो सकता है। किसी भी तिथि पर तिथि समाप्ति समय, मुहूर्त अवधि और चौघड़िया के लिए पंचांग कैलेंडर देखें।