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Jayaparvaty Vrat End 2027 तिथि

Jayaparvaty Vrat End 2027

बुधवार, 21 जुलाई 2027

इस दिन का पूर्ण पंचांग देखें →

जयापार्वती व्रत का महत्व

जयापार्वती व्रत भगवान शिव की अर्धांगिनी देवी पार्वती को समर्पित एक महत्वपूर्ण हिन्दू व्रत है। यह मुख्यतः विवाहित और अविवाहित महिलाओं द्वारा किया जाता है जो दांपत्य सुख, अपने पति की भलाई और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना करती हैं। यह व्रत हिन्दू माह आषाढ़ (जून-जुलाई) में लगातार पाँच दिनों तक किया जाता है।

यह व्रत विशेष रूप से गुजरात और भारत के अन्य पश्चिमी क्षेत्रों में लोकप्रिय है, जहाँ महिलाएँ समृद्धि, दीर्घायु और सुख की प्राप्ति के लिए देवी पार्वती का आशीर्वाद पाने हेतु कठोर उपवास और भक्ति करती हैं।

देवी पार्वती की भगवान शिव के प्रति भक्ति

हिन्दू पौराणिक कथाओं के अनुसार, देवी पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में पाने के लिए कठोर तपस्या की थी। उनकी अटूट भक्ति और व्रत ने भगवान शिव को प्रसन्न कर दिया, जिससे वे उनकी दिव्य अर्धांगिनी बनीं। समर्पित और सुखी वैवाहिक जीवन की चाह रखने वाली महिलाओं के लिए जयापार्वती व्रत, जो पार्वती की अटूट भक्ति का प्रतीक है, प्रेरणा का स्रोत है।

ऐसा माना जाता है कि जो भक्त निष्ठापूर्वक यह व्रत करते हैं, उन्हें मजबूत, प्रेमपूर्ण और समृद्ध वैवाहिक जीवन का आशीर्वाद मिलता है। पत्नियाँ अपने पति की दीर्घायु और स्वस्थ जीवन के लिए यह धार्मिक व्रत करती हैं, जबकि अविवाहित महिलाएँ अच्छे पति की प्राप्ति के लिए इसे करती हैं।

1. पाँच दिनों तक उपवास

  • भक्त पाँच दिनों तक कठोर व्रत रखते हैं, केवल फल, दूध और सात्विक भोजन ग्रहण करते हैं।
  • अंतिम दिन कई महिलाएँ गहरी भक्ति के प्रतीक के रूप में निर्जला व्रत (बिना जल के उपवास) रखती हैं।
  • 2. भगवान शिव और देवी पार्वती की पूजा

  • महिलाएँ शिव-पार्वती की मूर्तियों या शिवलिंग की पूजा बिल्वपत्र, फूल, कुमकुम और मिठाइयाँ अर्पित करके करती हैं।
  • दिव्य आशीर्वाद पाने के लिए भक्ति गीत और पार्वती मंत्रों का जाप किया जाता है।
  • 3. गेहूँ के अंकुर उगाना

  • एक अनूठी रस्म में एक पात्र में गेहूँ के दाने बोकर उन्हें प्रतिदिन जल दिया जाता है।
  • अंकुरित गेहूँ वृद्धि, उर्वरता और समृद्धि का प्रतीक है, और बाद में इसे देवी को अर्पित किया जाता है।
  • 4. मंदिर दर्शन के साथ व्रत का समापन

  • छठे दिन महिलाएँ प्रार्थना करने और प्रसाद प्राप्त करने के लिए शिव मंदिरों में जाकर व्रत पूरा करती हैं।
  • कई भक्त अपने अर्पण के भाग के रूप में जरूरतमंदों को भोजन और उपहार भी वितरित करते हैं।
  • देवी पार्वती सभी को सुख, सामंजस्य और समृद्धि का आशीर्वाद दें! 🙏🌸

    Jayaparvaty Vrat End 2026

    जयापार्वती व्रत समाप्त
    शनि, 01 अग. 2026

    Jayaparvaty Vrat End 2027

    जयापार्वती व्रत समाप्त
    बुध, 21 जुल. 2027

    तिथियाँ खगोलीय गणना (अमांत गणना, IST, सायन/लाहिड़ी) के आधार पर तय की गई हैं — क्षेत्रीय पालन एक दिन इधर-उधर हो सकता है। किसी भी तिथि पर तिथि समाप्ति समय, मुहूर्त अवधि और चौघड़िया के लिए पंचांग कैलेंडर देखें।