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होली 2027 तिथि

रंगों का पर्व होली, फाल्गुन की पूर्णिमा को होलिका दहन के पश्चात मनाई जाती है। यह अग्नि-रात्रि प्रह्लाद की होलिका से रक्षा की स्मृति में मनाई जाती है, और अगली सुबह रंगों की बौछार के साथ शीत ऋतु औपचारिक रूप से वसंत ऋतु को अपना स्थान दे देती है।

होली 2027

रविवार, 21 मार्च 2027

इस दिन का पूर्ण पंचांग देखें →

हिंदू परंपराओं में होली

होली, जीवंत “रंगों का त्योहार”, एक आनंदमय और प्रमुख हिंदू उत्सव है। बुराई पर अच्छाई की विजय और वसंत के आगमन का प्रतीक, होली एकता, प्रेम और आनंद का हिंदू पर्व है, जो फाल्गुन (फरवरी-मार्च) की पूर्णिमा को मनाया जाता है। रंग-बिरंगे उत्सव, संगीत और पारंपरिक अनुष्ठान भारत और दुनिया के कई हिस्सों में इस उत्सव को चिह्नित करते हैं।

प्रह्लाद और होलिका की कथा – बुराई पर अच्छाई की विजय

राजा हिरण्यकश्यप की दुष्ट बहन होलिका और उसकी पराजय की कथा, होली से जुड़ी सबसे प्रसिद्ध कहानी है। हिरण्यकश्यप, एक अहंकारी राक्षस राजा, सार्वभौमिक पूजा पर अड़ा था, लेकिन उसका पुत्र प्रह्लाद भगवान विष्णु के प्रति समर्पित रहा। अग्नि से सुरक्षा के वरदान से संपन्न होलिका ने प्रह्लाद को अपने साथ ज्वालाओं में बैठाकर भस्म करने का प्रयास किया।

लेकिन होलिका स्वयं जलकर राख हो गई, जबकि प्रह्लाद अक्षुण्ण रहा—यह श्रद्धा और सद्गुण की विजय का प्रमाण है। होली की पूर्व संध्या पर होलिका दहन की अग्नि नकारात्मकता के शमन का प्रतीक है, यह परंपरा इस घटना को स्मृति में जीवंत रखती है।

होली का उत्सव कृष्ण और राधा की रोमांटिक और आनंदमय कथाओं से भी जुड़ा है। कहा जाता है कि नीले रंग वाले कृष्ण ने राधा और गोपियों पर चंचलता से रंग लगाकर होली उत्सव की शुरुआत की। होली आनंद, प्रेम और संबंधों के उत्सव का प्रतीक है।

1. होलिका दहन (अग्नि अनुष्ठान)

  • होली से एक शाम पहले, होलिका के दहन और बुराई पर अच्छाई की विजय के प्रतीक के रूप में बड़ी अग्नि जलाई जाती है।
  • भक्त अग्नि को अनाज, नारियल और प्रार्थनाएं अर्पित करते हैं।
  • 2. रंगों और पानी से खेलना

  • होली के दिन, लोग एक-दूसरे पर गुलाल (रंगीन पाउडर) फेंकते हैं और पानी छिड़कते हैं, जिससे आनंद और एकजुटता का उत्सव बनता है।
  • यह मतभेद भुलाने, रिश्तों को सुधारने और खुशियां फैलाने का समय है।
  • 3. दावत और मिठाइयां

  • उत्सव के दौरान गुजिया, मालपुआ और ठंडाई (बादाम और केसर वाला मसालेदार दूध पेय) जैसी पारंपरिक मिठाइयों का आनंद लिया जाता है।
  • 4. सामुदायिक उत्सव और संगीत

  • लोग लोकगीत गाते हैं, ढोल-ढोलक की थाप पर नाचते हैं, और परिवार व मित्रों से मिलने जाते हैं, जो सद्भाव और आनंद का प्रतीक है।
  • सभी को रंगों भरी और आनंदमय होली की शुभकामनाएं! 🙏🎨

    होली 2026

    होली 2027

    तिथियाँ खगोलीय गणना (अमांत गणना, IST, सायन/लाहिड़ी) के आधार पर तय की गई हैं — क्षेत्रीय पालन एक दिन इधर-उधर हो सकता है। किसी भी तिथि पर तिथि समाप्ति समय, मुहूर्त अवधि और चौघड़िया के लिए पंचांग कैलेंडर देखें।