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Hariyali Teej 2027 तिथि

Hariyali Teej 2027

बुधवार, 04 अगस्त 2027

इस दिन का पूर्ण पंचांग देखें →

हरियाली तीज का महत्व

विवाहित महिलाएँ और युवा लड़कियाँ देवी पार्वती और भगवान शिव का सम्मान करने के लिए हरियाली तीज के जीवंत हिंदू पर्व को मनाती हैं। यह श्रावण मास (जुलाई-अगस्त) के शुक्ल पक्ष की तीसरी तिथि को मनाया जाता है। यह पर्व शिव और पार्वती के पुनर्मिलन का स्मरण कराता है, जो वैवाहिक सामंजस्य, समृद्धि और मानसून की भरपूर हरियाली के आगमन का प्रतीक है।

हरियाली तीज उत्तर भारत में, विशेष रूप से राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, हरियाणा और बिहार में एक प्रमुख पर्व है, जिसे महिलाओं की व्रत, रीति-रिवाज़ और उत्सवों में भागीदारी के साथ मनाया जाता है।

शिव और पार्वती का पुनर्मिलन

भगवान शिव की कृपा प्राप्त करने और उनकी पत्नी बनने के लिए, देवी पार्वती ने, कथा के अनुसार, अनेक जन्मों तक कठोर तपस्या सही। उनकी अटूट भक्ति से प्रभावित होकर, शिव ने अंततः हरियाली तीज के दिन उन्हें स्वीकार किया, जिससे यह दिन विवाहित महिलाओं के लिए सुखी वैवाहिक जीवन हेतु पार्वती से प्रार्थना करने का पवित्र दिन बन गया।

"हरियाली तीज" या "ग्रीन तीज" के नाम से प्रसिद्ध यह पर्व मानसून के मौसम की जीवंत हरियाली का उत्सव मनाता है। वर्षा के नवीनीकरण, उर्वरता और समृद्धि का प्रतीक होने के कारण, यह अत्यंत आनंद और उत्सव का समय है।

1. व्रत और पूजा

  • महिलाएँ अपने पति की दीर्घायु और कल्याण के लिए प्रार्थना करते हुए निर्जला व्रत (भोजन और पानी के बिना कठोर व्रत) रखती हैं।
  • वे देवी पार्वती की पूजा करती हैं, सिंदूर, चूड़ियाँ, फूल और मिठाइयाँ चढ़ाती हैं।
  • 2. हरे वस्त्र धारण करना और मेहंदी लगाना

  • महिलाएँ हरी साड़ियाँ और चूड़ियाँ पहनती हैं, जो विकास, उर्वरता और वैवाहिक सुख का प्रतीक हैं।
  • हाथों और पैरों पर मेहंदी लगाना पर्व का एक अनिवार्य हिस्सा है, क्योंकि इसे सौभाग्य लाने वाला माना जाता है।
  • 3. झूला रीति-रिवाज़ और गीत

  • महिलाएँ पेड़ों पर सुंदर ढंग से सजे झूलों पर झूलने के लिए इकट्ठा होती हैं, और परंपरागत तीज गीत गाती हैं।
  • झूलना आनंद, विश्राम और प्रकृति की सुंदरता के उत्सव का प्रतीक है।
  • 4. उपहारों का आदान-प्रदान और भोज

  • विवाहित महिलाओं को उनके ससुराल वालों से प्रेम के प्रतीक के रूप में शृंगार की वस्तुएँ (सौंदर्य प्रसाधन, आभूषण और साड़ियाँ) प्राप्त होती हैं।
  • परिवार घेवर, मालपुआ और खीर जैसी विशेष मिठाइयाँ बनाते हैं, जिससे उत्सव और भी आनंददायक हो जाता है।
  • यह पर्व हमें श्रद्धा, परंपरा और प्रकृति के नवीनीकरण की सुंदरता के महत्व की याद दिलाता है।

    देवी पार्वती सभी को प्रेम, सुख और समृद्धि का आशीर्वाद दें! 🙏🌿🌸

    Hariyali Teej 2026

    हरियाली तीज
    शनि, 15 अग. 2026

    Hariyali Teej 2027

    हरियाली तीज
    बुध, 04 अग. 2027

    तिथियाँ खगोलीय गणना (अमांत गणना, IST, सायन/लाहिड़ी) के आधार पर तय की गई हैं — क्षेत्रीय पालन एक दिन इधर-उधर हो सकता है। किसी भी तिथि पर तिथि समाप्ति समय, मुहूर्त अवधि और चौघड़िया के लिए पंचांग कैलेंडर देखें।