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हनुमान जयंती 2027 तिथि

हनुमान जयंती चैत्र मास की पूर्णिमा को भगवान हनुमान के जन्म का उत्सव है। भक्त सूर्योदय से हनुमान चालीसा का पाठ, सिंदूर अर्पण और हनुमान मंदिरों में दर्शन करके यह दिन मनाते हैं।

हनुमान जयंती 2027

मंगलवार, 20 अप्रैल 2027

इस दिन का पूर्ण पंचांग देखें →

हनुमान जयंती का महत्व

भगवान राम के शक्तिशाली और समर्पित भक्त, भगवान हनुमान के जन्म को हिंदू लोग हनुमान जयंती के पवित्र पर्व के रूप में मनाते हैं; वे शक्ति, भक्ति और निःस्वार्थ सेवा के प्रतीक हैं। यह पर्व भारत के अधिकांश हिस्सों में चैत्र (मार्च-अप्रैल) की पूर्णिमा को पड़ता है, हालांकि कुछ क्षेत्रों में इसे दीपावली या कार्तिक (अक्टूबर-नवंबर) के दौरान मनाया जाता है।

भक्तजन भगवान हनुमान की, जो साहस, बुद्धि और दिव्य सुरक्षा के प्रतीक हैं, आराधना करते हैं और शक्ति, वीरता तथा जीवन में सफलताओं के लिए प्रार्थना करते हैं।

हनुमान का जन्म और दिव्य उद्देश्य

वायु देव द्वारा आशीर्वादित, अंजना और केसरी के पुत्र हनुमान, भगवान शिव के एक अत्यंत शक्तिशाली अवतार थे। रामायण महाकाव्य में उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, भगवान राम के प्रति उनकी अटूट निष्ठा सीता को रावण से मुक्त कराने में सहायक रही। उनके जीवन से निःस्वार्थता, विनम्रता और भक्ति की शक्ति के सबक मिलते हैं।

बजरंगबली के नाम से प्रसिद्ध, जिसका अर्थ है "वज्र के समान शक्ति वाला," हनुमान अद्वितीय शक्ति और साहस के प्रतीक हैं। उनकी आराधना भय का नाश करती है, बाधाओं पर विजय दिलाती है और नकारात्मकता को दूर करती है, जिससे सफलता और दिव्य सुरक्षा प्राप्त होती है।

1. व्रत और भक्ति का पालन

  • भक्त पूर्ण या आंशिक व्रत रखते हैं, इस दिन को प्रार्थना, ध्यान और हनुमान मंत्रों के जाप के लिए समर्पित करते हैं।
  • गुड़, चना और फलों जैसे भोजन हनुमान जी को प्रसाद के रूप में चढ़ाए जाते हैं।
  • 2. विशेष हनुमान पूजा और शास्त्रों का पाठ

  • मंदिरों और घरों में सिंदूर, तेल के दीये, फूलों और अन्य वस्तुओं के साथ हनुमान पूजा की जाती है।
  • हनुमान चालीसा, सुंदरकांड और हनुमान स्तोत्र का पाठ करना शक्ति देने वाला और कष्टों को दूर करने वाला माना जाता है।
  • 3. हनुमान मंदिरों की यात्रा और प्रार्थना

  • भक्त साहस, बुद्धि और सफलता के लिए हनुमान जी का आशीर्वाद पाने हेतु हनुमान मंदिरों में जाते हैं।
  • कुछ लोग भक्ति के प्रतीक के रूप में लाल सिंदूर और चमेली का तेल भी चढ़ाते हैं।
  • 4. दान और जरूरतमंदों की सहायता के कार्य

  • भोजन, वस्त्र दान करना और वंचितों की सहायता करना अत्यंत शुभ माना जाता है, क्योंकि हनुमान जी निःस्वार्थ सेवा और करुणा के प्रतीक हैं।
  • उनका जीवन सिखाता है कि सच्ची शक्ति श्रद्धा, विनम्रता और परमात्मा की समर्पित सेवा में निहित है।

    भगवान हनुमान सभी को शक्ति, बुद्धि और भक्ति का आशीर्वाद दें! 🙏🚩

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    गुरू, 02 अप्रै. 2026

    हनुमान जयंती 2027

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    मंगल, 20 अप्रै. 2027

    तिथियाँ खगोलीय गणना (अमांत गणना, IST, सायन/लाहिड़ी) के आधार पर तय की गई हैं — क्षेत्रीय पालन एक दिन इधर-उधर हो सकता है। किसी भी तिथि पर तिथि समाप्ति समय, मुहूर्त अवधि और चौघड़िया के लिए पंचांग कैलेंडर देखें।