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Budha Ashtami 2027 तिथि

Budha Ashtami 2027

बुधवार, 14 अप्रैल 2027

इस दिन का पूर्ण पंचांग देखें →

बुध अष्टमी का महत्व

बुध अष्टमी, एक प्रमुख हिंदू धार्मिक अनुष्ठान है, जिसमें भगवान विष्णु और देवी पार्वती का सम्मान किया जाता है। यह कृष्ण या शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाया जाता है, परंतु केवल तभी जब यह बुधवार को पड़े। यह ज्ञान, धन और पूर्व में किए गए अपराधों से मुक्ति पाने के लिए एक शुभ दिन है।

मुख्य रूप से उत्तर भारत में मनाई जाने वाली बुध अष्टमी पर भक्तगण आध्यात्मिक उन्नति और कल्याण के लिए आशीर्वाद प्राप्त करने हेतु भगवान विष्णु, देवी पार्वती और भगवान शिव की पूजा करते हैं।

बुध ग्रह और ज्ञान से संबंध

वैदिक ज्योतिष में, बुध ग्रह को बुद्धि, संचार और समृद्धि से जोड़ा जाता है; इसीलिए इस दिन का नाम बुध अष्टमी पड़ा। ऐसा माना जाता है कि इस दिन उपवास और प्रार्थना करने से व्यक्ति की बुद्धि, आर्थिक स्थिति और आध्यात्मिक जागरूकता में सुधार हो सकता है।

यह व्यापक रूप से माना जाता है कि देवी पार्वती ने परलोक में आत्माओं को मुक्त करने के लिए यह व्रत किया था। ऐसा माना जाता है कि बुध अष्टमी का पालन करने से पूर्वजों को शांति (पितृ मोक्ष) मिलती है और व्यक्ति कर्म ऋण से मुक्त होता है।

सफलता प्राप्त करने और दुर्भाग्य से बचने के लिए, ब्रह्मांड के पालनकर्ता भगवान विष्णु की बुध अष्टमी पर आराधना की जाती है। भगवान शिव भी प्रार्थनाओं के लोकप्रिय प्राप्तकर्ता हैं, क्योंकि कई लोग मानते हैं कि वे इस दिन आध्यात्मिक ज्ञान और बुद्धि प्रदान करते हैं।

1. उपवास और भक्ति करना

  • भक्तगण सूर्योदय से सूर्यास्त तक कठोर उपवास (व्रत) रखते हैं, केवल फल, दूध और सात्विक भोजन ग्रहण करते हैं।
  • कुछ भक्त अधिक आध्यात्मिक लाभ के लिए निर्जला व्रत (बिना जल के उपवास) करते हैं।
  • 2. विशेष पूजा और अर्पण

    भगवान विष्णु, भगवान शिव और देवी पार्वती की पूजा फूलों, धूप, हल्दी और पवित्र मंत्रों से की जाती है।
  • भक्तगण दिव्य आशीर्वाद पाने के लिए विष्णु सहस्रनाम, बुध स्तोत्र और शिव मंत्रों का पाठ करते हैं।
  • 3. पितृ तर्पण करना (पैतृक अर्पण)

  • कई भक्तगण अपने पूर्वजों को जल और प्रार्थना अर्पित करते हैं, यह मानते हुए कि इससे दिवंगत आत्माओं को शांति मिलती है और उनके वंश से बाधाएं दूर होती हैं।
  • 4. दान और जरूरतमंदों की सहायता

  • निर्धनों को भोजन, वस्त्र और धन दान करने जैसे दान के कार्य बुध अष्टमी पर अत्यंत पुण्यदायी माने जाते हैं।
  • भगवान विष्णु, देवी पार्वती और भगवान शिव सभी को ज्ञान, सफलता और आध्यात्मिक प्रकाश का आशीर्वाद दें! 🙏🌿

    Budha Ashtami 2027

    बुध अष्टमी
    बुध, 14 अप्रै. 2027
    बुध अष्टमी
    बुध, 08 सित. 2027

    तिथियाँ खगोलीय गणना (अमांत गणना, IST, सायन/लाहिड़ी) के आधार पर तय की गई हैं — क्षेत्रीय पालन एक दिन इधर-उधर हो सकता है। किसी भी तिथि पर तिथि समाप्ति समय, मुहूर्त अवधि और चौघड़िया के लिए पंचांग कैलेंडर देखें।