विपरीत राज योग कैलकुलेटर
विपरीत राज योग वैदिक ज्योतिष का अनोखा सिद्धांत है — विपरीत परिस्थितियों से उत्पन्न होने वाली असाधारण सफलता। यह योग त्रिक भावों (6, 8, 12) के स्वामियों की विशेष स्थितियों से बनता है।
विपरीत राज योग कैलकुलेटर के बारे में
इसके तीन रूप हैं: हर्ष योग (षष्ठेश की विशेष स्थिति) — शत्रुओं और रोगों पर विजय; सरल योग (अष्टमेश) — संकटों से पार पाकर दीर्घ सफलता; और विमल योग (द्वादशेश) — व्यय पर नियंत्रण और स्वतंत्र, सम्मानित जीवन।
इस योग का व्यक्ति संकट के समय सबसे अधिक चमकता है — जहाँ दूसरे टूट जाते हैं, वहाँ विपरीत राज योग वाला व्यक्ति अवसर बना लेता है। FeelAstro का कैलकुलेटर त्रिकेशों की स्थिति जाँचकर योग की उपस्थिति और उसका बल-विश्लेषण देता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
विपरीत राज योग क्या है?
त्रिक भावों (6, 8, 12) के स्वामी जब परस्पर त्रिक भावों में ही स्थित हों या विशेष संबंध बनाएँ, तो अशुभ शक्तियाँ एक-दूसरे को काटकर राज योग-तुल्य फल देती हैं। इसीलिए नाम है — विपरीत से उत्पन्न राज योग।
हर्ष, सरल और विमल योग क्या हैं?
ये विपरीत राज योग के तीन रूप हैं: हर्ष (षष्ठेश से) — शत्रु-विजय व स्वास्थ्य; सरल (अष्टमेश से) — संकट-विजय व गूढ़ ज्ञान; विमल (द्वादशेश से) — संचय व स्वतंत्रता।
विपरीत राज योग का फल कब मिलता है?
प्रायः संबंधित त्रिकेश की दशा-अंतर्दशा में, और विशेषकर जीवन के कठिन दौर में। यह योग संकट को ही सीढ़ी बना देता है।
क्या विपरीत राज योग सामान्य राज योग से अलग है?
हाँ। सामान्य राज योग शुभ भावों के संबंध से बनता है, जबकि विपरीत राज योग अशुभ भावों के स्वामियों के परस्पर संबंध से। दोनों का फल पद-प्रतिष्ठा है, पर मार्ग विपरीत है।
यह कैलकुलेटर क्या जाँचता है?
यह 6, 8, 12 भावों के स्वामियों की स्थिति जाँचकर विपरीत राज योग की उपस्थिति बताता है, साथ ही तीनों त्रिकेशों का गरिमा-विश्लेषण (उच्च/नीच/वक्री आदि) भी देता है।