त्रिलोचन योग कैलकुलेटर
त्रिलोचन योग — तीन नेत्रों का योग — सूर्य, चंद्र और मंगल के परस्पर त्रिकोण (एक-दूसरे से 5वें-9वें) में स्थित होने से बनता है।
त्रिलोचन योग कैलकुलेटर के बारे में
सूर्य (आत्म-नेत्र), चंद्र (मन-नेत्र) और मंगल (क्रिया-नेत्र) — तीनों प्रकाश-अग्नि ग्रह जब त्रिकोण-सामंजस्य में हों, तो व्यक्ति को शिव के तीसरे नेत्र-सी भेदक दृष्टि मिलती है: सत्य तुरंत दिखता है, शत्रु टिकते नहीं।
FeelAstro का कैलकुलेटर तीनों की परस्पर दूरियाँ जाँचकर परिणाम देता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
त्रिलोचन योग क्या है?
सूर्य, चंद्र और मंगल के परस्पर त्रिकोण (5/9 स्थिति) में होने से बनने वाला योग — भेदक अंतर्दृष्टि, शत्रु-विजय और तेजस्वी व्यक्तित्व का दाता।
इन्हीं तीन ग्रहों से क्यों?
तीनों अग्नि-वर्ग के प्रकाशक हैं — आत्मा, मन और पराक्रम। इनका त्रिकोण-सामंजस्य भीतर के तीनों दीपक एक लौ में जोड़ देता है; इसीलिए "त्रि-लोचन"।
त्रिलोचन योग का शास्त्रीय फल क्या है?
धनवान, दीर्घायु, शत्रुहन्ता जातक — जिससे छल करना कठिन है, क्योंकि उसकी दृष्टि आर-पार देखती है।
किन क्षेत्रों में विशेष फल?
जाँच-अन्वेषण, सुरक्षा-सेना, क़ानून, सर्जरी, ऑडिट — हर वह क्षेत्र जहाँ छिपा सत्य देखना ही कौशल है।
फल कब मिलता है?
सूर्य-चंद्र-मंगल की दशाओं में — विशेषतः जब इनकी दशा-अंतर्दशा परस्पर मिलती हैं, दृष्टि-फल शिखर पर होता है।
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