पारिजात/कल्पद्रुम योग कैलकुलेटर
पारिजात (कल्पद्रुम) योग — कल्पवृक्ष का योग — उत्तरोत्तर गहराती जड़ों से बनता है: लग्नेश के दिशापति, फिर उसके भी दिशापति (राशि-नवांश दोनों में) की उत्तम स्थिति।
पारिजात/कल्पद्रुम योग कैलकुलेटर के बारे में
लग्नेश जड़ है, उसका स्वामी तना, उसका स्वामी शाखा — चारों स्तर सधे हों तो व्यक्तित्व कल्पवृक्ष बनता है: जो चाहा, समय के साथ फलित होता गया। फल विशेष रूप से जीवन के उत्तरार्ध में मधुर होते जाते हैं।
FeelAstro का कैलकुलेटर दिशापति-शृंखला की चारों कड़ियाँ जाँचकर परिणाम देता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
पारिजात/कल्पद्रुम योग क्या है?
लग्नेश से आरंभ कर दिशापति-दर-दिशापति (राशि व नवांश स्तर पर) की सधी शृंखला से बनने वाला योग — क्रमशः बढ़ते, कल्पवृक्ष-से फलदायी जीवन का सूचक।
दिशापति (dispositor) क्या होता है?
ग्रह जिस राशि में है, उस राशि का स्वामी उसका दिशापति है — ग्रह का "मकान-मालिक"। दिशापति-शृंखला बताती है कि ऊर्जा किन हाथों से होकर बह रही है।
इस योग का फल देर से क्यों गहराता है?
जड़-तना-शाखा की वृद्धि क्रमिक है — शृंखला-योगों का स्वभाव ही परत-दर-परत खुलना है; शास्त्र भी इसे उत्तरार्ध-मधुर योग कहते हैं।
पारिजात योग का शास्त्रीय फल क्या है?
राजा-सम सुख, वाहन-भूमि, धर्मनिष्ठा और आयु के साथ बढ़ता वैभव — कल्पवृक्ष तले बैठा जातक।
फल कब मिलता है?
शृंखला के ग्रहों की दशाएँ क्रम से परतें खोलती हैं — हर अगली दशा पिछली से बेहतर, यही इस योग की चाल है।
हमारे ज्योतिषियों से पूछें
आपका प्रश्न सार्वजनिक पर गुमनाम रहता है — नाम व जन्म विवरण कभी नहीं दिखते। आपकी सहेजी कुंडली निजी रूप से जुड़ती है ताकि ज्योतिषी आपकी वास्तविक कुंडली से उत्तर दे सकें।