माला योग कैलकुलेटर
माला योग एक ऐसा योग है जो अपनी ग्रहीय आवश्यकताओं के कारण किसी भी कुंडली में देखने को अत्यंत दुर्लभ होता है। हालांकि यह योग श्रीनाथ, गजकेसरी या पारिजात जैसे कुछ अन्य शक्तिशाली योगों जितना आशाजनक नहीं है, फिर भी माला योग अपने अधिकांश संयोजनों में व्यक्ति को एक शांतिपूर्ण और परेशानी-मुक्त जीवन प्रदान करता है।
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भाव-दर-भाव भावफल, विस्तृत 5-वर्षीय वर्षफल, दशा, योग व उपाय · 12 भाषाएँ
माला योग कैलकुलेटर के बारे में
जब किसी भी लगातार 7 भावों में ग्रह उपस्थित होते हैं, तब यह योग बनता है। गिनती किस भाव संख्या से शुरू होती है, इसके आधार पर माला योग को 12 योगों में वर्गीकृत किया जाता है।
लग्न माला की गणना पहले भाव या लग्न को प्रारंभिक बिंदु मानकर 7वें भाव तक की जाती है। यदि 7वें भाव तक सभी भावों में कोई ग्रह स्थित हो, तो लग्न माला बनता है। इसी प्रकार, धन माला (दूसरा भाव), विक्रम माला (तीसरा भाव), सुख माला (चौथा भाव), पुत्र माला (पांचवां भाव), शत्रु माला (छठा भाव), कलत्र माला (सातवां भाव), रंध्र माला (आठवां भाव), भाग्य माला (नौवां भाव), कर्म माला (दसवां भाव), लाभ माला (ग्यारहवां भाव) और व्यय माला (बारहवां भाव) की गणना की जाती है।
यहां शत्रु और रंध्र माला को छोड़कर, अन्य सभी संयोजन जातक को सकारात्मक परिणाम प्रदान करते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
माला योग क्या है?
माला योग एक दुर्लभ वैदिक ज्योतिष योग है, जो तब बनता है जब ग्रह कुंडली में लगातार सात भावों में स्थित होते हैं। यह प्रायः अधिक व्यवस्थित जीवन शैली, स्थिर प्रगति और अपने कई प्रकारों में सहज जीवन प्रवाह से जुड़ा माना जाता है।
जन्म कुंडली में माला योग कैसे बनता है?
माला योग तब बनता है जब ग्रह लगातार सात भावों की किसी भी शृंखला में स्थित होते हैं। इसके बाद, उस सात-भाव शृंखला के आरंभिक भाव के आधार पर परिणाम को 12 माला प्रकारों में से किसी एक में वर्गीकृत किया जाता है।
यह कैलकुलेटर माला योग की जांच कैसे करता है?
यह कैलकुलेटर जांचता है कि कुंडली में लगातार सात भावों में ग्रहों की उपस्थिति का पैटर्न है या नहीं, फिर आरंभिक भाव की पहचान करके संबंधित माला प्रकार का वर्गीकरण करता है। इसके साथ ही यह भी देखा जाता है कि यह प्रकार सामान्यतः शुभ है या अधिक संघर्षपूर्ण।
माला योग किस प्रकार के परिणाम दे सकता है?
जब एक शुभ माला योग रूप बनता है, तो यह अधिक स्थिर प्रगति, अनावश्यक व्यवधानों में कमी, जीवन के कई क्षेत्रों में अधिक जुड़ाव वाला पैटर्न, और ऐसी निरंतरता न रखने वाली कुंडलियों की तुलना में समग्र रूप से अधिक शांतिपूर्ण अनुभव प्रदान कर सकता है।
क्या सभी प्रकार के माला योग समान रूप से शुभ होते हैं?
नहीं। अधिकांश माला योग प्रकारों को सामान्यतः सहायक माना जाता है, परन्तु शत्रु माला योग और रन्ध्र माला योग को अधिक सावधानी से देखा जाता है क्योंकि ये अधिक संघर्ष, दबाव या रूपांतरण-प्रधान विषयों को ला सकते हैं। अधिक पापी ग्रहों के प्रभुत्व से भी योग का सहज पक्ष कम हो सकता है।