Web Analytics
FeelAstro feelastro

जय योग कैलकुलेटर

जय योग — नाम ही विजय है। यह अनोखा योग तब बनता है जब षष्ठेश (रोग-शत्रु भाव का स्वामी) नीच हो और दशमेश (कर्म का स्वामी) उच्च।

आपका जन्म विवरण

एक बार भरें — FeelAstro का हर कैलकुलेटर इन्हीं विवरणों का उपयोग करता है, और ये आपकी AI रीडिंग में भी काम आते हैं।

केवल आपके ब्राउज़र सेशन में सहेजा जाता है। सटीक जन्म समय और स्थान से सर्वोत्तम परिणाम मिलते हैं।

जय योग कैलकुलेटर के बारे में

तर्क सुंदर है: शत्रु-पक्ष का सेनापति (षष्ठेश) निर्बल और आपका सेनापति (दशमेश) शिखर पर — युद्ध का परिणाम पहले से लिखा है। ऐसे जातक को बाधाएँ आती तो हैं, पर हर बार परास्त होती हैं।

FeelAstro का कैलकुलेटर दोनों स्वामियों की गरिमा जाँचकर बताता है कि आपकी कुंडली में विजय-सूत्र सक्रिय है या नहीं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जय योग क्या है?

षष्ठेश के नीच और दशमेश के उच्च होने का दुर्लभ संयोग — शत्रु-बाधा पक्ष निर्बल, कर्म-पक्ष शिखर पर; परिणाम: निरंतर विजय।

षष्ठेश का नीच होना शुभ कैसे?

त्रिक भावों के स्वामी की निर्बलता उनके अशुभ एजेंडे को कमज़ोर करती है — यही "विपरीत" सिद्धांत है: रोग-ऋण-शत्रु का प्रतिनिधि जितना निर्बल, जातक उतना निष्कंटक।

जय योग का फल किन क्षेत्रों में दिखता है?

प्रतियोगिता, मुक़दमे, खेल, चुनाव, कॉर्पोरेट-स्पर्धा — जहाँ भी प्रतिपक्ष हो, वहाँ यह योग जातक का पलड़ा भारी रखता है। शास्त्र दीर्घायु भी जोड़ते हैं।

यह योग कितना दुर्लभ है?

दो विशिष्ट गरिमाओं (एक ग्रह नीच, दूसरा उच्च) का एक साथ होना कम मिलता है — इसीलिए बनने पर इसे विशेष विजय-चिह्न माना जाता है।

फल कब मिलता है?

दशमेश की दशा में शिखर-फल; षष्ठेश की दशा में भी — क्योंकि निर्बल शत्रु-पक्ष तब भी हार ही देता है।

हमारे ज्योतिषियों से पूछें

आपका प्रश्न सार्वजनिक पर गुमनाम रहता है — नाम व जन्म विवरण कभी नहीं दिखते। आपकी सहेजी कुंडली निजी रूप से जुड़ती है ताकि ज्योतिषी आपकी वास्तविक कुंडली से उत्तर दे सकें।

प्रकाशन से पहले प्रश्नों की समीक्षा होती है। व्यक्तिगत परामर्श-प्रश्नों के लिए FeelAstro AI या one-to-one परामर्श बेहतर है।