गरुड़ योग कैलकुलेटर
ज्योतिष में गरुड़ योग साहस और वीरता से संबंधित है। हिन्दू पौराणिक कथाओं के अनुसार, गरुड़ भगवान विष्णु का वाहन हैं। जिस जातक में गरुड़ योग होता है, वह धर्मनिष्ठ, बुद्धिमान होता है और उसमें वाणी की उत्तम शक्ति होती है। ऐसे व्यक्ति समाज में सम्मानित और प्रतिष्ठित होते हैं तथा उनके शत्रु उनसे भयभीत रहते हैं।
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गरुड़ योग कैलकुलेटर के बारे में
प्राचीन ग्रंथों के अनुसार, गरुड़ योग वाले जातक को 34 वर्ष की आयु तक विषाक्तता (जहर) का खतरा रहता है। हालांकि डॉ बी.वी. रमन जैसे आधुनिक विद्वान इस कथन से सहमत नहीं हैं। फिर भी, अच्छी गरिमा वाला अष्टम भाव इस योग के लिए एक सहायक कारक साबित होता है।
यह योग तब बनता है जब चंद्रमा बढ़ रहा हो (चंद्रमा को शुक्ल पक्ष में होना चाहिए) और उसका नवांश स्वामी राशि चक्र में उच्च का हो। जातक का जन्म ज्योतिषीय रूप से दिन के समय भी होना चाहिए (अर्थात जन्म समय सूर्योदय और सूर्यास्त के बीच होना चाहिए)।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
गरुड़ योग क्या है?
गरुड़ योग एक शुभ ज्योतिषीय योग है जो साहस, वीरता, प्रभावशाली वाणी, प्रतिष्ठा और रक्षात्मक व्यक्तित्व से जुड़ा है। यह प्रायः ऐसे व्यक्ति को दर्शाता है जो सम्मानित, नैतिक रूप से मजबूत और विरोधियों के लिए सामना करना कठिन होता है।
जन्म कुंडली में गरुड़ योग कैसे बनता है?
गरुड़ योग तब बनता है जब चंद्रमा शुक्ल पक्ष में हों, चंद्रमा की नवांश राशि के स्वामी राशि कुंडली में उच्च के हों, और जन्म ज्योतिषीय दृष्टि से दिन के समय हुआ हो, अर्थात सूर्योदय और सूर्यास्त के बीच।
यह कैलकुलेटर गरुड़ योग की जांच कैसे करता है?
यह कैलकुलेटर जांचता है कि चंद्रमा शुक्ल पक्ष में हैं या नहीं, चंद्रमा की नवांश राशि और उसके स्वामी की पहचान करता है, फिर यह सत्यापित करता है कि वह नवांश स्वामी जन्म कुंडली में उच्च के हैं या नहीं। यह यह भी जांचता है कि जन्म ज्योतिषीय समय नियमों के अनुसार वास्तविक दिन जन्म है या नहीं।
गरुड़ योग क्या परिणाम दे सकता है?
जब यह भली-भांति निर्मित होता है, तो गरुड़ योग साहस, प्रभावशाली वाणी, प्रतिष्ठा, बुद्धि और एक सशक्त रक्षात्मक तेज को प्रोत्साहन दे सकता है। यह दबाव, प्रतिद्वंद्वियों या कठिन परिस्थितियों का सामना स्थिरता के साथ करने की क्षमता को भी बेहतर बना सकता है।
गरुड़ योग को क्या कमज़ोर कर सकता है?
यह योग तब कमज़ोर हो सकता है जब राहु या केतु जैसे छाया ग्रह चंद्रमा, लग्न या योग के घटकों को अत्यधिक प्रभावित करते हैं। विष योग या पुनर्फू जैसे पैटर्न भी विलंब, अस्थिरता या तनाव-प्रधान प्रभाव उत्पन्न करके इसके सहज परिणामों को कम कर सकते हैं।