गज केसरी योग कैलकुलेटर
यह शुभ योग तब बनता है जब बृहस्पति (गुरु) लग्न या चंद्रमा से केंद्र (1, 4, 7, 10वें भाव) में स्थित हो और शत्रु राशि में न हो। साथ ही बृहस्पति किसी शुभ ग्रह — जैसे शुक्र, शुभ बुध, शुभ चंद्रमा या लग्नेश — की युति या दृष्टि से युक्त होना चाहिए। यदि बृहस्पति अस्त (ग्रह मौद्य) हो तो यह योग कार्य नहीं करता।
गज केसरी योग कैलकुलेटर के बारे में
यदि बृहस्पति लग्न और चंद्रमा दोनों से केंद्र में हो तथा अन्य शर्तें भी पूरी हों, तो यह योग और भी बलवान हो जाता है।
गज केसरी योग में जन्मा व्यक्ति जीवन में धनी और सफल होता है। गज अर्थात हाथी अजेयता और बुद्धिमत्ता का प्रतीक है, और केसरी अर्थात सिंह शक्ति व अधिकार का। राज योग के समकक्ष माना जाने वाला यह योग सुगठित होने पर जीवन में अनेक गुण प्रदान करता है और कुंडली के कई अशुभ योगों व दोषों से रक्षा कवच का काम भी करता है। यह संयोजन महर्षि पराशर ने बृहत् पराशर होरा शास्त्र (अध्याय 36, श्लोक 3-4) में बताया है।
FeelAstro का गज केसरी योग कैलकुलेटर योग की उपस्थिति के साथ-साथ उसकी शक्ति का भी विश्लेषण करता है — जैसे बृहस्पति का वर्गोत्तम, उच्च, मूलत्रिकोण या स्वक्षेत्र होना, तथा नवांश (D9) में योग की पुनरावृत्ति। चंद्रमा की स्थिति भी इसी प्रकार जाँची जाती है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
गज केसरी योग क्या है?
गज केसरी योग वैदिक ज्योतिष का एक प्रसिद्ध शुभ योग है, जो सफलता, अधिकार, बुद्धिमत्ता, सुरक्षा और बृहस्पति के मजबूत सहयोग से जुड़ा है। यह धन, प्रतिष्ठा, आत्मविश्वास और बाधाओं के बावजूद ऊपर उठने की क्षमता को बढ़ाने वाला शक्तिशाली योग माना जाता है।
जन्म कुंडली में गज केसरी योग कैसे बनता है?
इस नियम के अनुसार गज केसरी योग तब बनता है जब बृहस्पति लग्न या चंद्रमा से केंद्र में हो, शत्रु राशि की निर्बलता से बचा हो और उसे शुभ ग्रह की युति या दृष्टि प्राप्त हो। बृहस्पति के अस्त होने पर यह योग कार्य नहीं करता।
यह कैलकुलेटर गज केसरी योग कैसे जाँचता है?
कैलकुलेटर जाँचता है कि बृहस्पति लग्न या चंद्रमा से 1, 4, 7 या 10वें भाव में है या नहीं, फिर शुक्र, शुभ बुध, शुभ चंद्रमा या लग्नेश जैसे ग्रहों का सहयोग सत्यापित करता है। योग को सक्रिय मानने से पहले अस्त, गरिमा (dignity) और अन्य बल-कारकों की भी जाँच होती है।
गज केसरी योग के क्या फल हैं?
बलवान और निर्दोष होने पर गज केसरी योग समृद्धि, अधिकार, विवेकपूर्ण निर्णय क्षमता, नेतृत्व, सामाजिक मान-सम्मान देता है और कुंडली के कमजोर दोषों के विरुद्ध रक्षा-कवच जैसा प्रभाव रखता है।
गज केसरी योग को क्या मजबूत या कमजोर करता है?
बृहस्पति के लग्न और चंद्रमा दोनों से केंद्र में होने तथा वर्गोत्तम, स्वराशि, मूलत्रिकोण या उच्च जैसी मजबूत गरिमा से योग बलवान होता है। लग्न के लिए बृहस्पति के कार्येश रूप से अनुपयुक्त, गरिमा में कमजोर या अस्त होने पर योग का फल घट जाता है।