देवेन्द्र योग कैलकुलेटर
देवेन्द्र योग, इन्द्र योग का ही एक और रूप है जो अधिकार, विलासिता, सुख-सुविधाओं, आनंद और दीर्घायु के बारे में बताता है। अपने ग्रह संयोजनों के कारण यह योग राज योग की श्रेणी में आता है। हिंदू धर्म के अनुसार देवेन्द्र या इन्द्र देवताओं के राजा हैं।
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देवेन्द्र योग कैलकुलेटर के बारे में
जब दूसरे और दसवें भाव के स्वामी, तथा पहले और ग्यारहवें भाव के स्वामी परिवर्तन योग में हों और लग्न स्थिर राशि (वृषभ, सिंह, वृश्चिक या कुंभ) में पड़े, तो देवेन्द्र योग बनता है। इस योग में जन्म लेने वाला व्यक्ति अपने जीवन में उल्लेखनीय रूप से सफल होगा और सभी सांसारिक सुख-सुविधाओं तथा आनंद का भोग करेगा। उन्हें अपने व्यावसायिक जीवन में नेतृत्व की भूमिकाएँ भी प्राप्त होंगी। इस ग्रह संयोजन में जन्मे जातक आकर्षक और सुंदर रूप-रंग वाले होंगे।
चूँकि केवल 4 लग्न राशियाँ ही इस योग के लिए पात्र हैं, इसलिए देवेन्द्र योग को एक दुर्लभ संयोजन माना जाता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
देवेन्द्र योग क्या है?
देवेन्द्र योग एक दुर्लभ राज योग-प्रकार का संयोजन है जो अधिकार, ऐश्वर्य, नेतृत्व, धन, सम्मान और जीवन में प्रबल सफलता से जुड़ा होता है। यह एक ऐसी कुंडली संरचना को दर्शाता है जो जब आधार मजबूत हों, तो सांसारिक सुख-सुविधा और उच्च प्रतिष्ठा दोनों को समर्थन दे सकती है।
जन्म कुंडली में देवेन्द्र योग कैसे बनता है?
देवेन्द्र योग तब बनता है जब लग्न वृषभ, सिंह, वृश्चिक या कुंभ जैसी स्थिर (स्थिर) राशि हो, द्वितीय भाव स्वामी और दशम भाव स्वामी परिवर्तन में हों, और प्रथम भाव स्वामी तथा एकादश भाव स्वामी भी परिवर्तन में हों। दोनों परिवर्तन एक स्थिर लग्न के अंतर्गत एक साथ होने चाहिए।
यह कैलकुलेटर देवेन्द्र योग की जाँच कैसे करता है?
यह कैलकुलेटर जाँचता है कि लग्न स्थिर है या नहीं, फिर दो आवश्यक राशि परिवर्तनों को खोजता है: एक द्वितीय और दशम भाव स्वामियों के बीच, और दूसरा प्रथम तथा एकादश भाव स्वामियों के बीच। यह यह भी देखता है कि संबंधित भाव स्वामी और लग्न का आधार इतने मजबूत हैं या नहीं कि यह योग स्थिर रूप से कार्य कर सके।
देवेन्द्र योग किस प्रकार के परिणाम दे सकता है?
जब देवेन्द्र योग स्वच्छ और सशक्त हो, तो यह नेतृत्व, अधिकार, व्यावसायिक उन्नति, धन, लाभ, सामाजिक प्रतिष्ठा, विलासिता और सशक्त सार्वजनिक उपस्थिति में सहायक हो सकता है। यह जिम्मेदारी वहन करने की क्षमता और प्रतिष्ठा तथा समृद्धि के परिणामों का आनंद लेने की क्षमता को भी बेहतर बना सकता है।
देवेन्द्र योग को क्या कमज़ोर कर सकता है?
यह योग तब कमज़ोर हो सकता है जब लग्नेश पीड़ित हो, अपनी शक्ति खो दे, या भारी दबाव में फंस जाए। चूंकि लग्नेश इस योग का प्रमुख संचालक है, इस प्रकार की पीड़ा सफलता को कम स्थिर बना सकती है, नेतृत्व में उन्नति को विलंबित कर सकती है, या सुख-सुविधाओं तथा प्रतिष्ठा के सहज भोग को कम कर सकती है।