योग
शुभ कर्तरी योग
शुभ कर्तरी शुभ ग्रहों का आलिंगन है: कोई भाव या ग्रह दोनों ओर से शुभ ग्रहों से घिरा होता है, जिससे वह सुरक्षित रहता है और शांतिपूर्वक फलता-फूलता है।
देखें कि शुभ कर्तरी योग आपकी जन्म कुंडली में कहाँ स्थित है — किस राशि, भाव और नक्षत्र में।
शुभ कर्तरी शुभ ग्रहों का आलिंगन है: कोई भाव या ग्रह दोनों ओर से शुभ ग्रहों से घिरा होता है, जिससे वह सुरक्षित रहता है और शांतिपूर्वक फलता-फूलता है।
किसी भाव या ग्रह के दोनों ओर की राशियों में शुभ ग्रहों की उपस्थिति शुभ कर्तरी का निर्माण करती है — इससे घिरा हुआ विषय संरक्षित, पोषित होता है और शुभ परिणामों की ओर अग्रसर होता है।
— Phaladeepika kartarī yogas
निर्माण: लक्ष्य से दूसरे और बारहवें भाव में शुभ ग्रह, जिनका पता पाप कर्तरी के समान ही शिथिल/कठोर विधियों से लगाया जाता है। शुभ ग्रहों से घिरा लग्न या सप्तम भाव इन भावों के फलादेश को महत्वपूर्ण रूप से उन्नत करता है।
आपकी स्थिति ऊपर दिए गए भाग में दर्शाई गई है: यह बताती है कि शुभ कर्तरी योग आपकी कुंडली में कहाँ है और प्रत्येक शब्द को उसके पृष्ठ से जोड़ती है।
व्याख्या — कि यह स्थिति आपके जीवन और समय के लिए क्या अर्थ रखती है — आपकी व्यक्तिगत फलादेश का विषय है, न कि इस संदर्भ पुस्तकालय का।