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फलदीपिका
मंत्रेश्वर की फलदीपिका फलित परिणामों की महान संहिता है — विभिन्न स्थितियाँ वास्तव में क्या फल देती हैं, इस पर स्पष्ट, व्यवस्थित श्लोक, जो शिक्षण और व्...
मंत्रेश्वर की फलदीपिका फलित परिणामों की महान संहिता है — विभिन्न स्थितियाँ वास्तव में क्या फल देती हैं, इस पर स्पष्ट, व्यवस्थित श्लोक, जो शिक्षण और व्यवहार दोनों में समान रूप से आदरणीय है।
मंत्रेश्वर ने भाव और राशि के अनुसार ग्रह प्रभावों, महापुरुष तथा अन्य योगों, कारकत्वों, विवाह और आयु संबंधी विषयों, और दशा फलों को व्यवस्थित किया है — यह मुख्यधारा फलित सिद्धांत का सबसे स्पष्ट एकल विवरण है।
— Phaladeepika self (structure)
यह ग्रंथावली कारक निर्धारण, कर्तरी तथा विपरीत योग-रचनाओं, और अवस्था योजनाओं के लिए इस पर निर्भर करती है; 35 नियमों पर इसका स्रोत-टैग अंकित है।