Web Analytics

Avasthā

जाग्रदादि अवस्था Jāgrādādi Avasthā

जागरादि अवस्थाएं

जागरादि अवस्थाएं किसी ग्रह की सजगता को दर्शाती हैं: जागृत, स्वप्नरत, अथवा सुषुप्त — यानी उसके फलों की क्रियाशीलता जीवन में किस हद तक सचेत रूप से कार्य...

जागरादि अवस्थाएं किसी ग्रह की सजगता को दर्शाती हैं: जागृत, स्वप्नरत, अथवा सुषुप्त — यानी उसके फलों की क्रियाशीलता जीवन में किस हद तक सचेत रूप से कार्य करती है। यह तीन 'अवस्था' योजनाओं में सबसे सरल है, जो किसी ग्रह को केवल तीन श्रेणियों में बांटती है, इस आधार पर कि वह अपने कार्यों के प्रति कितना सजग है। उच्च राशि, मूलत्रिकोण या स्वराशि में ग्रह जागृत होता है — उपस्थित और सचेत, जिसके परिणाम स्पष्ट रूप से दिखते हैं। मित्र या सम राशि में यह स्वप्नरत होता है, जिसके फल धुंधले, अधूरे और कभी-कभी ही प्रकट होने वाले ढंग से मिलते हैं। शत्रु राशि या नीच राशि में यह सुषुप्त होता है, जिसके वायदे बेहद क्षीण और आसानी से चूक जाने योग्य होते हैं, जैसे ग्रह सोते हुए ही कार्य कर रहा हो। जहां सूक्ष्म आयु और मनोदशा संबंधी योजनाएं चित्र को और गहराई देती हैं, वहीं यह योजना त्वरित निर्णय देती है: क्या कोई ग्रह वास्तव में अपने कार्यों की बागडोर थामे हुए है, उनमें बहता चला जा रहा है, या मुश्किल से ही उपस्थित है?

Connections

see also
बालादि अवस्थाएँ — see also बालादि अवस्थाएँ see also जाग्रदादि अवस्था Jāgrādādi Avas…