भाव
बारहवाँ भाव
बारहवाँ भाव समापन, व्यय, निद्रा, विदेश-निवास, एकांतवास और मोक्ष का भाव है। यह त्याग का भाव है — सतही दृष्टि से हानि का भाव, और गहरी दृष्टि से मोक्ष का...
देखें कि बारहवाँ भाव आपकी जन्म कुंडली में कहाँ स्थित है — किस राशि, भाव और नक्षत्र में।
बारहवाँ भाव समापन, व्यय, निद्रा, विदेश-निवास, एकांतवास और मोक्ष का भाव है। यह त्याग का भाव है — सतही दृष्टि से हानि का भाव, और गहरी दृष्टि से मोक्ष का भाव।
पराशर व्यय भाव को खर्च और हानि, शय्या व निद्रा, बंधन, दूरस्थ देश और परम मुक्ति का कारक मानते हैं। यह एक दुष्स्थान है जिसकी देन आंतरिक होती है: यहाँ शुभ ग्रह दान, एकांतवास और साधना की ओर प्रवृत्त करते हैं, जबकि केतु और नवम भाव से इसका दृढ़ संबंध शास्त्रोक्त मोक्ष-योगों की रचना करता है।
— Brihat Parashara Hora Shastra bhāva considerations
शनि (हानि, एकांतवास) और केतु (मोक्ष) इसके कारक हैं, जबकि राहु विदेश-निवास का संकेत जोड़ते हैं। व्यय संबंधी विवेचन में द्वादश भाव के स्वामी को द्वितीय और एकादश भाव के स्वामियों के विपरीत तौला जाता है — व्यय को संचय और आय के सम्मुख रखा जाता है; विदेश-स्थायित्व के योगों में द्वादश भाव को चतुर्थ भाव (गृह-त्याग) और नवम भाव (दूर की यात्राएँ) से जोड़ा जाता है। निद्रा की गुणवत्ता और शय्या-सुख परंपरागत उपसंकेत हैं। यह भाव इस मंच की स्वतंत्रता-संरक्षक शैली को पुष्ट करता है: इसके कठिन संकेत निर्णयों के रूप में नहीं, बल्कि लय, एकांतवास और दान के रूप में परिणत होते हैं।
आपकी स्थिति ऊपर दिए गए भाग में दर्शाई गई है: यह बताती है कि बारहवाँ भाव आपकी कुंडली में कहाँ है और प्रत्येक शब्द को उसके पृष्ठ से जोड़ती है।
व्याख्या — कि यह स्थिति आपके जीवन और समय के लिए क्या अर्थ रखती है — आपकी व्यक्तिगत फलादेश का विषय है, न कि इस संदर्भ पुस्तकालय का।