Yoga
सरस्वती योग
सरस्वती योग तीनों शुभ ग्रहों को बल में इकट्ठा करता है: उच्च कोटि की विद्या, कला और वाक्पटुता — विद्वान और लेखक का संयोजन।
See where सरस्वती योग falls in your birth chart — the sign, house and nakṣatra it occupies.
सरस्वती योग तीनों शुभ ग्रहों को बल में इकट्ठा करता है: उच्च कोटि की विद्या, कला और वाक्पटुता — विद्वान और लेखक का संयोजन।
गुरु, शुक्र और बुध का केंद्र, त्रिकोण या द्वितीय भाव में स्थित होना — गुरु के बलवान होने के साथ — सरस्वती योग बनाता है: अक्षरों, शास्त्रों और वाणी में निपुणता, जिसकी विद्वज्जन प्रशंसा करते हैं।
— Phaladeepika yoga chapters
निर्माण: तीनों शुभ ग्रह 1/2/4/5/7/9/10 भावों में हों तथा गुरु बलवान अवस्था में हो। शिक्षा क्षेत्र का प्रमाण-संग्रह इसे चतुर्थ/पंचम भावेशों तथा डी24 के साथ सामने लाता है।
Your placement is shown in the band above: this states where सरस्वती योग falls in your chart and links each term to its page.
Interpretation — what the placement means for your life and timing — belongs to your personal reading, not the reference library.