योग
गौरी योग
गौरी एक सम्मानित, गुणवान जीवनसाथी और आदरयुक्त, सद्गुणी प्रतिष्ठा प्रदान करती है।
देखें कि गौरी योग आपकी जन्म कुंडली में कहाँ स्थित है — किस राशि, भाव और नक्षत्र में।
गौरी एक सम्मानित, गुणवान जीवनसाथी और आदरयुक्त, सद्गुणी प्रतिष्ठा प्रदान करती है।
जब दशम भाव के स्वामी की नवमांश राशि का स्वामी उच्च का होकर दशम भाव में बैठा हो, तो कुंडली गौरी देवी की कृपा से युक्त होती है — यश और वैवाहिक जीवन में गरिमा प्राप्त होती है।
— Three Hundred Important Combinations the named raja yogas
निर्माण: दशम भाव के स्वामी का नवमांश स्वामी उच्च का होकर दशम भाव में स्थित हो। यह मंच नवमांश से स्वामी को लेकर उसकी राशि-कुंडली में स्थिति और गरिमा की जाँच करता है।
आपकी स्थिति ऊपर दिए गए भाग में दर्शाई गई है: यह बताती है कि गौरी योग आपकी कुंडली में कहाँ है और प्रत्येक शब्द को उसके पृष्ठ से जोड़ती है।
व्याख्या — कि यह स्थिति आपके जीवन और समय के लिए क्या अर्थ रखती है — आपकी व्यक्तिगत फलादेश का विषय है, न कि इस संदर्भ पुस्तकालय का।